Two Line Shayari : Best Collection Of Two Line Shayari For Girlfriend Boyfriend

Two Line Shayari : Best Collection Of Two Line Shayari For Girlfriend Boyfriend

"यू ना कहो के ये किस्मत की बात है
मुझे बर्बाद करने में तुम्हारा भी हाथ है...।।

"अपनी हालत का कुछ एहसास नहीं है मुझको
मैने औरों से सुना है की परेशान हूँ मैं...।।

"सोचता हूं जब तेरे बारे में, तेरी तस्वीर नजर आती है
करता हूं तुझे भूलने की कोशिश, लेकिन कमबख्त तेरी याद आती है...।।

"वो एक इंसान जो सोया नहीं कही रातों से
अगर उसकी वजा तुम हो तो किया तुमने ज़ुल्म नहीं किया...।।

"कुछ तो आदतों से मजबूर हैं और कुछ फ़ितरतो की पसंद है
जख्म कितने भी गहरे हो, मैं उनकी दुहाई पे नही लिखता...।।

"सायद मेरी वफ़ा में कोई कमी रही होगी
वो शक्स मेरा हो कर भी मेरा हो ना सका...।।

"हमने मुहब्बत के नशे में आकर उसे खुदा बना डाला
होश तब आया जब उसने कहा खुदा किसी एक का नही होता...।।

"समजने समजाने मे ही गुजर गई तू
ए जिन्दगी तूजे एकबार भी जी न पाए हम...।।

"लोग कहते हैं हमें आदत है मुस्कुराने की
मगर वह क्या जाने यह अदा है, गम छुपाने की...।।

"खुद अपने से ज़्यादा बुरा जमाने मे कौन है
इसलिए मैं औरों की बुराई पे नही लिखता...।।

"वक़्त के साथ सब कुछ बदल जाता है
लोग भी, रिश्ते भी, एहसास भी और कभी कभी हम खुद भी...।।

"हाले दिल तुमको सुनाते तो तुम पास होते
अश्क तुम्हारे साथ बहातें जो तो हम-तुम पास होते...।।

"कल रात को खोल कर देखी यादो की किताब
रो पड़े की क्या क्या खोया है हमने ऐ ज़िंदगी...।।

"दर्द काफी है बेखुदी के लिए, मौत काफी है ज़िन्दगी के लिए
कौन मरता है किसी के लिए, हम तो ज़िंदा है आपके लिए...।।

"उनको ये शिकायत है की मैं बेवफ़ाई पे नही लिखता
और मैं सोचता हूँ की मैं उनकी रुसवाई पे नही लिखता...।।

"चांदनी रात को उन हसीन यादों को
एक बार फिर से दोहराते तो तुम पास होते...।।

"बडी मुश्किलों से सीखा हे जीना, दूर तुझसे होकर तेरे बिना
लौटकर फिर न आना, वरना जीकर भी मर जाऊँगा तेरे बिना...।।

"काश कोई इस तरह वाकिफ हो मेरी ज़िन्दगी से
कि में रोऊँ और वो मेरे आँसू पढ़ ले...।।

"दुनियां बहुत मतलबी है, साथ कोई क्यों देगा
मुफ़्त का यहाँ कफन नही मिलता, तो बिना गम के प्यार कौन देगा...।।

"कितना खुशनुमा होगा वो मेरे इँतज़ार का मंजर भी
जब ठुकराने वाला मुझे फिर से पाने के लिये आँसु बहाएगा...।।

"अगर कोई आप पर आँख बंद करके भरोसा करे
तो आप उसका भरोसा तोड़ कर ये अहसास मत करवाओ कि वो अंधा है...।।

"ज़िन्दगी से रूठ जाती हैं हर ख़ुशी
उम्र भर बेचैनी भरी कुछ करवटे रह जाती हैं...।।

"उसे लगता था कि उसकी चालाकियां हमें समझ नहीं आतीं
हम बड़ी खामोशी से देखते थे उसे अपनी नजरों से गिरते हुए...।।

"तेरा हाथ पकड़ कर तुझे रोक लेते अगर तुझ पर थोड़ा सा ज़ोर होता मेरा
ना रोते हम यूँ तेरे लिए अगर हमारी ज़िन्दगी में कोई और होता...।।

"खत्म होती हुई एक शाम अधूरी थी बहुत
ज़िंदगी से ये मुलाक़ात ज़रूरी थी बहुत...।।

"दिलासा देते है लोग, के यूँ हर वक़्त ना रोया करो
में कैसे बताओं के कुछ दर्द सहने के क़ाबिल नही होते...।।

"बिछड़ के भी नही जाती महक प्यार की कभी
कसक दिल में, बिस्तर में सलवटे रह जाती हैं...।।

"हादसो के गवाह हम भी है, अपने दिल से तबाह हम भी है
जुर्म के बिना सज़ा-ए-मौत मिली ऐसे बेगुनाह हम भी है...।।

"हर मुलाक़ात पर वक़्त का तकाज़ा हुआ
हर याद पे दिल का दर्द ताज़ा हुआ...।।

"कौन कहता है कि मुसाफिर ज़ख्मी नही होते
रास्ते गवाह है, बस कमबख्त गवाही नही देते...।।

"बहुत खुशनसीब होते है वो लोग
जिनका प्यार उनकी कदर भी करता है और इज़्ज़त भी...।।

"बड़े शौक से बनाया तुमने मेरे दिल मे अपना घर
जब रहने की बारी आई तो तुमने ठिकाना बदल दिया...।।

"हाथ ज़ख़्मी हुए तो कुछ अपनी ही खता थी
लकीरों को मिटाना चाहा किसी को पाने की खातिर...।।

"बेपनाह मुहब्बत की सजा पाए बैठे है
हासिल न हुआ कुछ भी और सब कुछ लुटाये बैठे हैं...।।

"दर्द है दिल में पर इसका एहसास नहीं होता
रोता है दिल जब वो पास नहीं होता
बर्बाद हो गए हम उसके प्यार में
और वो कहते हैं इस तरह प्यार नहीं होता...।।

"फुर्सत में याद करना हो तो मत करना
हम तन्हा ज़रूर है, मगर फज़ूल नही...।।

"मुझे भी सीखा दो भूल जाने का हुनर,
अब मुझसे रातो को उठ उठ कर रोया नही जाता...।।

"दिन गुजर जाते हैं, और हसरते रह जाती हैं
यार हो जाते हैं जुदा, और आहटे रह जाती हैं...।।

"हमे पता था की उसकी मोहब्बत में ज़हर हैं
पर उसके पिलाने का अंदाज ही इतना प्यारा था की हम ठुकरा ना सके...।।

"हर किसी के नसीब में कहा लिखी होती हे चाहतें
कुछ लोग दुनिया में आते हे सिर्फ तन्हाइयों के लिए...।।

"एक छोटी सी ग़लती पर तू मुझे छोड़ गया
जैसे तू सदियों से मेरी ग़लती की तलाश में था...।।

"हमें तो प्यार के दो लफ्ज ही नसीब नहीं
और बदनाम ऐसे जैसे इश्क के बादशाह थे हम...।।

"हमसे खेलती रही दुनिया ताश के पत्तों की तरह
जिसने जीता उसने भी फेंका जिसने हारा उसने भी फेंका...।।

"वफाये बिकती हैं यहा, नीलाम होते हैं वादे
घर की दहलीज़ पर बस उल्फ़ते रह जाती हैं...।।

"मेरे पॅल्को मे भरे आँसू उन्हे पानी सा लगता है
हमारा टूट कर चाहना उन्हे नादानी सा लगता है...।।

"बेशक मेरा वक़्त तो कट जाता है तेरे बिना
बस अब फ़र्क़ सिर्फ़ उतना है उस वक़्त तुम शामिल नही...।।

"टूटते तारे को देखा तो सोचा माँग लू आज फरियाद कोई
जब माँगा कुछ तो दिल से आवाज़ आई
जो खुद टूट रहा हे वो केसे पूरे करेगा अरमान कोई...।।

"प्यार के नाम पर करते हैं फरेब, कुछ लोग
मुहब्बत मिट जाती हैं, नफरते रह जाती हैं...।।

"नाकामयाब मुहब्बत ही सच्ची होती है
कामयाब होने के बाद मुहब्बत नहीं बचती...।।

"बिछड़ के हम से फिर किसी के भी न हो सकोगे
तुम मिलोगे सब से मगर हमारी ही तलाश में...।।

"सुना है तुम्हारी एक निगाह से कत्ल होते है लोग
एक नज़र हमको भी देख लो, ज़िन्दगी अच्छी नही लगती...।।

"ना चाँद अपना था और ना तू अपना था
काश दिल भी मान लेता की सब सपना था...।।

"कब तक तेरे फरेब को हादसे का नाम दूँ
ऐ इश्क तूने तो मेरा तमाशा बना दिया...।।

"मुझे खुद पर इतना तो यक़ीन है
कोई मुझे छोड़ तो सकता है मगर भुला नही सकता...।।

"कोई नही आएगा मेरी ज़िदंगी मे तुम्हारे सिवा
एक मौत ही है जिसका मैं वादा नही करता...।।

"सामने होते हुए भी तुझसे दूर रहना
बेबसी की इससे बड़ी मिसाल क्या होगी...।।

"जिस फूल की परवरिश हम ने अपनी मोहब्बत से की
जब वो खुश्बू के क़ाबिल हुआ तो औरो के लिए महकने लगा...।।

"सिर्फ़ यादों का एक सिलसिला रह गया
खुदा जाने उन से हुमारा क्या रिश्ता रह गया
एक चाँद छिप गया जाने कहाँ
एक सितारा उसे ढूंढता रह गया...।।

"भरोसा ना करना इस दुनिया के लोगों पे
मुझे तबाह करने वाला मेरा बहुत अज़ीज़ था...।।

"उड़ने दे इन परिंदों को ऐ दोस्त
जो तेरे होंगे लौट ही आएँगे किसी रोज़...।।

"मोहब्बत के अंदाज़ जुदा जुदा से होते है
किसी ने टूट कर चाहा, ओर कोई चाह कर टूट गया...।।

"आँधियों में भी जो जलता हुआ मिल जाएगा
उस दिये से पूछना, मेरा पता मिल जाएगा...।।

"आज कोई ‪‎शायरी‬ नही बस इतना ‪सुन‬ लो
मेी ‪तन्हा‬ हू और ‪‎वजह‬ तुम हो...।।

"पीने को तो पी जाऊं ज़हेर भी उसके हाथो से मैं
पर शर्त ये है की गिरते वक़्त वो अपनी बाहों में संभाले मुझको...।।

"होठों ने सब बातें छुपा कर रखीं
आँखों को ये हुनर… कभी आया ही नहीं...।।

"रहते हैं आस-पास ही लेकिन साथ नही होते
कुछ लोग जलते हैं मुझसे बस ख़ाक नही होते...।।

"कौन कहता है कुछ तोड़ने के लिए पत्थर जरूरी है
लहजा बदल कर बोलने से भी बहुत कुछ टूट जाता है...।।

"शायरों की महफ़िलों में हम इसलिए भी जाते हैं
हम से बिछड़ कर शायद वो भी शायर हो गयी हो...।।

"तेरी यादें हर रोज़ आ जाती है मेरे पास
लगता है तुमने बेवफ़ाई नही सिखाई इनको...।।

"आज परछाई से पूछ ही लिया क्यों चलती हो मेरे साथ
उसने भी हँसके कह दिया, दूसरा और कौन है तेरे साथ...।।

"उन्हें क्या पता जो कहते है हर वक़्त रोया ना करो
मैं कैसे समझाऊं कुछ दर्द सहने के काबिल नही होते...।।

"ज़िंदगी की हक़ीकत से दो चार हो
अक्सर दिल अपना ही हम जला लेते है...।।

"कोई नही आएगा मेरी ज़िदंगी मे तुम्हारे सिवा
एक मौत ही है जिसका मैं वादा नही करता...।।

"मौसम की पहली बारिश का शौक तुम्हें होगा
हम तो रोज किसी की यादो मे भीगें रहते है...।।

"करो बड़े शोक़ से मुहब्बत ऐ चाहने वालो
मगर सोच लेना किसी काम के ना रहोगे बिछड़ने के बाद...।।

"कमाल की मुहब्बत थी उसको हमसे यारों
बिन बताये ही शुरू हुई और बिन बतायें ही ख़त्म...।।

"मेरे दिल को आवाज देने वाले ये लफ़्ज भी आखिर बेवफ़ा निकले
सर्दियो कि जरा सी आहट मे ठिठुरना शुरु कर दिए...।।

Loading...