"भूखा पेट, खाली ज़ेब और झूठा प्रेम
इंसान को बहुत कुछ सिखा देता हैं...।।

"देखकर दर्द किसी का जो आह निकल जाती है
बस इतनी से बात आदमी को इंसान बनाती है...।।

"खेलने दो उन्हे जब तक जी न भर जाए उनका
मोहब्बत चार दिन कि थी तो शौक कितने दिन का होगा...।।

"अंदाज़ कुछ अलग है मेरे सोचने को
सबको मंज़िल का शौक है और मुझे सच्चे रास्तो का...।।

"इत्तिफ़ाक़ अपनी जगह ख़ुश-क़िस्मती अपनी जगह
ख़ुद बनाता है जहाँ में आदमी अपनी जगह...।।

"दोस्ती हो, या दुश्मनी सलामी दूर से अच्छी होती है
सफल जो हो जाते हैं उनकी लगन सच्ची होती हैं...।।

"तू खुद की खोज में निकल तू किस लिए हताश है
तू चल तेरे वजूद की समय को भी तलाश है...।।

"यह मत सोच की जिन्दगी में कितने पल है
यह सोच की हर पल में कितनी जिन्दगी है...।।

"खोने की दहशत और पाने की चाहत न होती
तो ना ख़ुदा होता कोई और न इबादत होती...।।

"जरुरी नहीं की हर समय लबों पर खुदा का नाम आये
वो लम्हा भी इबादत का होता है जब इंसान किसी के काम आये...।।

"जो मजिंलो को पाने की चाहत रखते
वो समंदरो पर भी पथरो के पुल बना देते है...।।

"तू रख यकीन बस अपने इरादों पर
तेरी हार तेरे हौसलों से तो बड़ी नहीं होगी...।।

"नए लोग से आज कुछ तो सीखा है
पहले अपने जैसा बनाते है फिर अकेला छोड़ देते है...।।

"खुदा ने उस शख्स के हालत कभी नहीं बदले
ना हो जिसे खुद अपने हालात बदलने का...।।

"बुरे वो लोग नहीं है जो आपको बुरा कहते है
बुरा आपका दिमाग है जो उनकी बात मान लेता है...।।

"खूबसूरत है वो लब जिन पर, दूसरों के लिए कोई दुआ आ जाए
खूबसूरत है वो दिल जो किसी के, दुख मे शामिल हो जाए...।।

"होके मायूस ना आँगन से उखाड़ो ये पौधे
धूप बरसी है यहाँ तो बारिश भी यही पे होगी...।।

"रोज रोज गिरकर भी मुकम्मल खड़ा हूँ
ऐ मुश्किलों! देखो मैं तुमसे कितना बड़ा हूँ...।।

"जंग में कागज़ी अफ़रात से क्या होता है
हिम्मतें लड़ती हैं तादाद से क्या होता है...।।

"होके मायूस न यूं शाम से ढलते रहिये
जिन्दगी भोर है सूरज सा निकलते रहिये...।।

"मत सोच इतना… जिन्दगी के बारे में
जिसने जिन्दगी दी है उसने भी तो कुछ सोचा होगा...।।

"पसंद है मुझे उन लोगों से हारना.जो लोग मेरे
हारने की वजह से पहली बार जीते हों...।।

"उठो तो ऐसे उठो कि फक्र हो बुलंदी को
झुको तो ऐसे झुको बंदगी भी नाज़ करे...।।

"हमको मिटा सके ये किसी मुश्किल में दम नहीं
हमसे ज़माना खुद है हम ज़माने से नहीं...।।

"लहरों का शांत देखकर ये मत समझना की समंदर में रवानी नहीं है
जब भी उठेंगे तूफ़ान बनकर उठेंगे अभी उठने की ठानी नहीं है...।।

"मंजिल उन्हीं को मिलती है
जिनके सपनों में जान है...।।

"बुरे वक़्त में कुछ लोग खुद टूट जाते है
कुछ लोग रिकॉर्ड तोड़ देते है...।।

"मिलेगी परिंदों को मंजिल ये उनके पर बोलते हैं
रहते हैं कुछ लोग खामोश लेकिन उनके हुनर बोलते हैं...।।

"पैसे को दिमाग मे नही जेब मे रखना चाहये
रिश्तों को खुले में नही दिलों में रखना चाहिये...।।

"सबब तलाश करो... अपने हार जाने का
किसी की जीत पर रोने से कुछ नहीं होगा...।।

"पतझड़ हुए बिना पेड़ों पर नए पत्ते नहीं आते
कठिनाई और संघर्ष सहे बिना अच्छे दिन नहीं आते...।।

"अंदाज़ कुछ अलग ही है मेरे सोचने का
सब को मंज़िल का शौख है मुझे रास्ते का...।।

"बड़े खुदगर्ज होते हैं ये गुब्बारे चंद सांसो में फूल जाते हैं
थोड़ी सी ऊंचाई पर जाकर अपनी औकात भूल जाते हैं...।।

"मंजिल मिले न मिलये ये तो मुक्कदर की बात है
हम कोशिश भी न करे ये तो गलत बात है...।।

"फ़ितूर तो तबाह करते हैं
इख़्लास ही होगा जो दिल आबाद कर गया...।।

"जो तूने कहा, कर दिखायेगा रख यकीन
गरजे जब बादल, तो बरसने में वक्त लगता है...।।

"गिरकर उठाना उठकर चलना यह क्रम हैं संसार का
कर्मवीर को फ़र्क न पड़ता किसी जीत या हार का...।।

"उच्चा उड़ने के लिए पंखो की जरूरत पंछियों को होती है
इंसान तो जितना नीचे झुकता है उतना ही ऊपर जाता है...।।

"खुदी को कर बुलन्द इतना कि तकदीर से पहले
खुदा बंदे से खुद पूछे बता तेरी रजा क्या है...।।

"पूछता है जब कोई दुनिया में मोहब्बत है कहाँ
मुस्करा देता हूँ और याद आ जाती है माँ...।।

"हवाओं से कह दो कि अपनी औकात में रहे
हम पैरों से नहीं हौसलो से उड़ा करते है...।।

"भीड़ में खड़ा होना मकसद नही है मेरा, बल्कि
भीड़ जिसके लिए खड़ी है वो बनना है मुझे...।।

"जो छोटी-छोटी बातों में सच को गंभीरता से नहीं लेता है
उस पर बड़े मसलों में भी भरोसा नहीं किया जा सकता...।।

"बिखरेगी फिर वही चमक, तेरे वजूद से तू महसूस करना
टूटे हुए मन को, संवरने में थोड़ा वक्त लगता है...।।