"ना तोप से,
ना तलवार से,
लडके डरते है तो
सिर्फ राखी के त्यौहार से...।।
na top se na talavaar se ladake darate hai to sirph raakhee ke tyauhaar se

"मेरे बारे में इतना मत सोचना
क्युकी मैं वैलेंटाइन पर आता हूँ राखी पर नहीं...।।
mere baare mein itana mat sochana kyukee main vailentain par aata hoon raakhee par nahin

"रब करे तुझे खुशियाँ आपर मिलें
तेरी गर्लफ्रेंड बाँध दे तुझको राखी
तुझे एक बहन का प्यार मिलें...।।
rab kare tujhe khushiyaan aapar milen teree garlaphrend baandh de tujhako raakhee tujhe ek bahan ka pyaar milen.

"वो छम छम करके आयी
छम छम करके चली गयी
मैं मंगल सूत्र लेके खड़ा रहा
वो राखी बांधकर चली गयी...।।
vo chham chham karake aayee chham chham karake chalee gayee main mangal sootr leke khada raha vo raakhee baandhakar chalee gayee

"बैठे हैं हम इंतज़ार में
चाहिए तोहफे हमे हज़ार में
तू भले देर से आना भैया
पर ATM साथ लाना भैया...।।
baithe hain ham intazaar mein chaahie tohaphe hame hazaar mein too bhale der se aana bhaiya par atm saath laana bhaiya

"दोस्त तुम्हारे ख़ातिर गलियाँ फूलो से सजा रखी हैं
हर मोड़ पर ख़ूबसूरत लड़कियाँ बैठा रखी हैं
जाने किस गली से आप गुजरेंगे इसलिए
हर लड़की के हाथ में राखी थमा रखी हैं...।।
dost tumhaare khaatir galiyaan phoolo se saja rakhee hain har

"बहन की बिदाई पर छोटा भाई बोला
पापा, दीदी रो रही है लेकीन जीजु तो नही रो रहे, बेटा
दीदी गेट तक रोएगी, जीजु कब्र तक रोएगा...।।
bahan kee bidaee par chhota bhaee bola paapa

"तेरी दुनिया में कोई गम ना हो
ख़ुशी कभी कम ना हो
भगवान तुमको ऐसी आइटम दे
जो दबंग की मुन्नी से कम ना हो...।।
teree duniya mein koee gam na ho khushee kabhee kam na ho bhagavaan tumako aisee aaitam de

"गब्बर–ये हाथ मुझे दे दे ठाकूर
ठाकुर–ले जा भाई जल्दी से
वैसे भी राखी आने वाली है...।।
gabbar ye haath mujhe de de thaakoor thaakur le ja bhaee jaldee se vaise bhee raakhee aane vaalee hai

जली को आग कहते है
बुझी को राख कहते है
जिसे पहन कर लड़को की उम्मीद तुट जाती है
उसे राखी कहते है...।।
jalee ko aag kahate hai bujhee ko raakh kahate hai jise pahan kar ladako kee ummeed tut jaatee hai

"पायल छनकाती आई थी
पायल छनकाती चली गई
मैं सिंदूर लेकर खड़ा था
वो राखी पहनाकर चली गई...।।

"*****फर्जी भाई *****
प्रेमिका (अपने मनचले प्रेमी से) - ना पिताजी की मार से
...ना मां की फटकार से
...ना जूतों की बौछार से
तुम्हारे जैसे लोग सुधरेंगे रक्षाबंधन के त्योहार से...।।

"पत्नी – आज शाम को आते समय कुछ राखियाँ लेते आना
पति – मैं क्युं लाऊ तेरे भाई के लिये
पत्नी – मेरे भाई के लिये नहीं
वो मेरी तीनों सहेलियाँ आ रही है उनके लिये
वो तुम्हें राखी बांधेगी
पति underground है...।।

"दिल की बात दिल में मत रखना
जो पसंद हो उससे, I LOVE YOU कहना
अगर वो चप्पल निकाले तो डरना मत
.
.
“राखी” निकालना और कहना
“प्यारी बहना मिलते रहना”...।।

"आपकी चर्चा है हर गली में
हर लड़की के दिल में आपके लिए प्यार है
ये कोई चमत्कार नहीं TIME ही ऐसा है
क्यूंकि कुछ दिनों में ही राखी का त्यौहार है...।।

"लड़के ने एक लड़की को कॉल की और कहा
लड़का: जान आई लव यू!
लड़की: सच्ची?
लड़का: हां यार!
लड़की: अच्छा तो चलो मेरा 100 रुपए का रिचार्ज करवा दो
लड़का: क्या यार अब तो मतलब बहन के साथ मजाक भी नहीं कर सकते...।।

"मेरे मस्त मस्त दो नैन
तू मेरा भाई मैं तेरी बहन...।।

"टीचर: बहन-भाई के संबंध पर एक वाक्य पेश करो
रमन: धरती और चांद
टीचर: वो कैसे?
रमन: सर ! हम धरती को मां और चांद को मामा कहते हैं! तो हुए ना बहन-भाई...।।

"प्यार मैं जो कभी पकड़े जाओ
देर ना करो, फ़ौरन भाई बहन बन जाओ...।।

"कसम से हर एक लड़की भुला दूंगा
सब ही की तस्वीरें जला दूंगा
एक तुम ही रहोगी इस दिल में
बैलेंस डलवा दो बहुत दुआ दूंगा...।।

"लड़का शादी के लिए लड़की देखने गया
उनको बात करने के लिए अकेले बैठा दिया गया
लड़की डरते-डरते बोली: भैया आप कितने भाई-बहन हो?
लड़का: थोड़ी देर पहले तीन थे, अब चार हो गए...।।

"खुदा करे तुझे खुशियां हज़ार मिले
मुझसे भी अच्छा यार मिले
मेरी गर्लफ्रेंड तुझे बंधे राखी
और एक और बहिन का प्यार मिले...।।

"खुदा करे तुझे खुशियां हज़ार मिले
मुझसे भी अच्छा यार मिले
मेरी गर्लफ्रेंड तुझे बंधे राखी
और एक और बहिन का प्यार मिले...।।

"रमन (अपने दोस्त से)- इस बार मैं राखी पर गांव से दूर जा रहा हूं
दोस्त- क्यों, क्या हुआ? कल तक तो तू मना कर रहा था
रमन- हां यार, पर कल ही मेरा अपनी गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप हो गया था
अब वह राखी लेकर मेरे पीछे पड़ी है...।।

"होली करती तन की सफाई
दिवाली करती धन की सफाई
और उफ़ ये कम्बखत राखी
कर देती है प्यार की सफाई...।।

"हर इलजाम का मुजरिम वो हमें बना जाती हैं
हर खता की सजा बड़े प्यार से हमे बता जाती हैं
और कमबख्त हम हर बार चुप रह जाते हैं
क्योकि वो हर बार “रक्षा बंधन” का डर दिखा जाती हैं...।।

"अगर रक्षा बंधन पर लड़की किसी को भी भाई बना सकती है
तो फिर करवा चौथ पर पति क्यों नहीं बनाती
सभी इस Message को आग की तरह फैला दो, हमे इंसाफ चाहिए...।।

"लड़की को प्रपोज करने का wait मत करो
क्या पता लड़की रक्षाबंधन का wait कर रही हो...।।

"प्यार करने की अपनी एक रीत है
प्यार का दूसरा नाम ही तो प्रीत है
इसलिए ट्राई मारो हर लड़की पर
क्यों की डर के आगे जीत है...।।