"ऐ मेरे मालिक
तूने गुल को गुलशन में जगह दी
पानी को दरिया में जगह दी
पंछियो को आसमान मे जगह दी
तू उस शख्स को जन्नत में जगह देना
जिसने मुझे “..नौ..” महीने पेट में जगह दी...।।

"पूछता है जब कोई मुझसे की
दुनिया में मोहब्बत अब बची है कहाँ
मुस्कुरा देता हु मैं
और याद आ जाती है "माँ...।।

"जब एक रोटी के चार टुकड़े हो
और खाने वाले पांच
तब मुझे भूख नही ऐसा कहने वाली इन्सान है माँ...।।

"नींद अपनी भुलाकर सुलाया हमको
आंसू अपने गिराकर हसाया हमको
दर्द कभी ना देना उस खुदा को
खुदा भी कहता है माँ जिसे...।।

"सीधा साधा भोला भाला मै ही सबसे अच्छा हूँ
कितना भी हो जाऊ बड़ा माँ मै आज भी तेरा बच्चा हूँ...।।

"किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दुकान आई
मैं घर में सबसे छोटा था मेरे हिस्से में माँ आई...।।

"मंजिल दूर और सफ़र बहुत है
छोटी सी जिन्दगी की फिकर बहुत है
मार डालती ये दुनिया कब की हमे
लेकिन “माँ” की दुआओं में असर बहुत है...।।

"किसी ने रोजा रखा किसी ने उपवास रखा
कुबूल उसका हुआ जिसने अपने माँ-बाप को अपने पास रखा...।।

"हजारो गम हो फिर भी मै ख़ुशी से फूल जाता हूँ
जब हस्ती है मेरी माँ मै हर गम भूल जाता हूँ...।।

"स्याही खत्म हो गयी “माँ” लिखते-लिखते
उसके प्यार की दास्तान इतनी लंबी थी...।।

"किसी भी ​मुश्किल का अब किसी को हल नहीं मिलता
​शायद अब घर से कोई माँ के पैर छूकर नहीं निकलता​...।।

"आँख खोलू तो चेहरा मेरी माँ का हो
आँख बंद हो तो सपना मेरा माँ का हो
मैं मर भी जाऊ तो कोई गम नहीं, लेकिन
गर कफन मिले तो दुपट्टा मेरी माँ का हो...।।

"माँ बाप की एक दुआ ज़िन्दगी बना देती है
मगर खुद रोएगी आप को हँसा देगी
कभी भूल कर भी माँ को ना रुलाना
एक छोटी सी बूँद पूरी धरती हिला देगी...।।

"ज़िन्दगी में ऊपर वाले से इतना जरूर मांग लेना
माँ के बिना कोई घर ना हो और कोई माँ बे घर ना हो...।।

"हमारे कुछ गुनाहों की सज़ा भी साथ चलती है
हम अब तन्हा नहीं चलते दवा भी साथ चलती है
अभी ज़िन्दा है माँ मेरी मुझे कुछ भी नहीं होगा
मैं जब घर से निकलता हूँ दुआ भी साथ चलती है...।।

"रूह के रिश्तों की ये गहराइयाँ तो देखिये
चोट लगती है हमें और चिल्लाती है माँ
हम खुशियों में माँ को भले ही भूल जायें
जब मुसीबत आ जाए तो याद आती है माँ...।।

"माँ से रिश्ता कुछ ऐसा बनाया
जिसको निगाहों में बिठाया जाए
रहे उसका मेरा रिश्ता कुछ ऐसा की
वो अगर उदास हो तो हमसे भी मुस्कुराया न जाये...।।

"ये कहकर मंदिर से फल की पोटली चुरा ली माँ ने
तुम्हे खिलाने वाले तो और बहुत आ जायगे गोपाल
मगर मैने ये चोरी का पाप ना किया तो भूख से मर जायेगा मेरा लाल...।।

"कभी मुस्कुरा दे तो लगता है जिंदगी मिल गयी मुझको
माँ दुखी हो तो दिल मेरा भी दुखी हो जाता है...।।

"जिँदगी‬ की पहली ‪Teacher‬ ‎माँ‬
जिँदगी की पहली ‪Friend‬ माँ
‪Jindagi‬ भी माँ ‎क्योँकि‬
‎Zindagi‬ देने वाली भी माँ...।।

"मिलने को तो हजारो लोग मिल जाते है
लेकिन हजारो गलतिय माफ़ करने वाले माँ - दुबारा नही मिलते...।।