"भूलकर हमें अगर तुम रहते हो सलामत
तो भूलके तुमको संभालना हमें भी आता है
मेरी फ़ितरत में ये आदत नहीं है वरना
तेरी तरह बदल जाना मुझे भी आता है...।।

"आपके बिन टूटकर बिखर जायेंगे
मिल जायेंगे आप तो गुलशन की तरह खिल जायेंगे
अगर न मिले आप तो जीते जी मर जायेंगे
पा लिया जो आपको तो मर कर भी जी जायेंगे...।।

"सोचा था तड़पायेंगे हम उन्हें
किसी और का नाम लेके जलायेगें उन्हें
फिर सोचा मैंने उन्हें तड़पाके दर्द मुझको ही होगा
तो फिर भला किस तरह सताए हम उन्हें...।।

"मोहब्बत के बाद मोहब्बत करना तो मुमकिन है
लेकिन किसी को टूट कर चाहना
वो ज़िन्दगी में एक बार ही होता है...।।

"गुजारिश हमारी वह मान न सके
मज़बूरी हमारी वह जान न सके
कहते हैं मरने के बाद भी याद रखेंगे
जीते जी जो हमें पहचान न सके...।।

"सिर्फ चेहरे की उदासी से
भर आये तेरी आँखों में आँसू
मेरे दिल का क्या आलम है
ये तो तू अभी जानता नहीं...।।

"काँच का तोहफा ना देना कभी
रूठ कर लोग तोड दिया करते हैं
जो बहुत अच्छे हो उनसे प्यार मत करना
अकसर अच्छे लोग ही दिल तोड दिया करते है...।।

"मिल भी जाते हैं तो कतरा के निकल जाते हैं
मौसम की तरह लोग... बदल जाते हैं
हम अभी तक हैं गिरफ्तार-ए-मोहब्बत यारों
ठोकरें खा के सुना था कि संभल जाते हैं...।।

"आदत बदल सी गई है
वक्त काटने की
हिम्मत ही नहीं होती
अपना दर्द बांटने की...।।

"दर्द है दिल में पर इसका एहसास नहीं होता
रोता है दिल जब वो पास नहीं होता
बर्बाद हो गए हम उसके प्यार में
और वो कहते हैं इस तरह प्यार नहीं होता...।।

"किसी की याद दिल में आज भी है
वो भूल गए मगर हमें प्यार आज भी है
हम खुश रहने की कोशिश तो करते हैं मगर
अकेले में आंसू बहते आज भी हैं...।।

"हमारी हर ख़ुशी का एहसास तुम्हारा हो
तुम्हारे हर गम का दर्द हमारा हो
मर जाए तो हमको कोई गम नहीं
बस आखिरी वक्त तक साथ तुम्हारा हो...।।

"चाँद की रोशनी में भी
ना जाने कैसा सुरूर होते है
हम जिसे भी चाहते है
वो अक्सर हमसे दूर होता है...।।

"ना जाने क्यूँ खुद को अकेला सा पाया है
हर एक रिश्ते में खुद को गँवाया है
शायद कोई तो कमी है मेरे वजूद में
तभी हर किसी ने हमें यूँ ही ठुकराया है...।।

"जिंदगी सुन्दर हैं पर जीना नही आता
हर चीज मे नशा हैं, पर पीना नही आता
सब मेरे बगैर जी सकते हैं
बस मुझे ही किसी के बीना जीना नही आता...।।

"कितना बुरा लगता है
जब बादल हो और बारिश ना हो
जब जिंदगी हो और पैर ना हो
जब आंखे हो और ख़्वाब ना हो
जब कोई अपना हो और कोई पास ना हो...।।

"मोहब्बत के भी कुछ अंदाज़ होते हैं
जगती आँखों के भी कुछ ख्वाब होते हैं
जरुरी नहीं के ग़म में आँसू ही निकले
मुस्कुराती आँखों में भी शैलाब होते हैं...।।

"दिन हुआ है, तो रात भी होगी
मत हो उदास, उससे कभी बात भी होगी।
वो प्यार है ही इतना प्यारा
ज़िंदगी रही तो मुलाकात भी होगी...।।

"तुमने कहा था आँख भर कर देख लिया करो मुझे
पर अब आँख भर आती है
और तुम नज़र नहीं आते हो...।।

"इस दिल की दोस्ती भी बडी अजीब होती है
बडा मुस्किल से इसे खुशी नसीब होती है
किसी के पास आने पर खुशी हो न हो
पर दुर जाने पर बडी तकलीफ होती है...।।

"कौन किसे दिल में जगह देता है
पेड़ भी अपने सूखे पत्ते गिरा देता है
वाक़िफ़ हैं हम दुनिया के रिवाजों से
जी भर जाए तो हर कोई भुला देता हैं...।।

"वाकिफ है हम इस दुनिया के रिवाज़ो से जब
दिल भर जाता है तो हर कोई भुला देता हैं...।।

"नफरतें लाख मिलीं पर मोहब्बत न मिली
ज़िन्दगी बीत गयी मगर राहत न मिली
तेरी महफ़िल में हर एक को हँसता देखा
एक मैं था जिसे हँसने की इजाज़त न मिली...।।

"उसकी बातों को बार बार याद करके रोये
उसके लिये दर पे फरियाद करके रोये
उसकी खुशी के लिये उसको छोड दिया फिर
उसे किसी ओर के साथ आबाद करके रोये...।।

"इस मोहब्बत की किताब के
बस दो ही सबक याद हुए
कुछ तुम जैसे आबाद हुए
कुछ हम जैसे बरबाद हुए...।।

"तुम्हारी याद में ताजमहल तो क्या
सारा जहां छोड़ जाएंगे
आज हम पर हंस लो
कल तुम्हें रोता छोड़ जाएंगे...।।

"चेहरे की उदासी उनकी
खामोश चाहत का इज़हार करती है
लब उनके खामोश सही
मगर उनकी नज़रे बेकरार करती है...।।

"रिश्तों के कुछ लिहाजदारी में
रुह यू अजर-अमर हो गए
इंतज़ार था जिनके लौट आने क
वो आये जब, आंसू पत्थर हो गए...।।

"कही मिले तो उसे यह कहना
गए दिनों को भुला रहा हूँ
वह अपने वादे से फिर गया है
मैं अपने वादे निभा रहा हूँ...।।

"मेरी चाहत ने उसे खुशी दे दी
बदले में उसने मुझे सिर्फ खामोशी दे दी
खुदा से दुआ मांगी मरने की
लेकिन उसने भी तड़पने के लिए ज़िन्दगी दे दी...।।

"तुम खास नहीं हो ,मगर हर सांस में हो
रू-ब-रू नहीं हो मगर ,हर एहसास में हो
मिलोगे या नहीं मगर ,मेरी हर तलाश में हो
चाहे पूरी हो या ना हो ,मगर हर आस में हो
दूर ही सही तुम ,मगर फिर भी पास ही हो...।।

"वो बिछड़ के हमसे ये दूरियां कर गई
न जाने क्यों ये मोहब्बत अधूरी कर गई
अब हमे तन्हाइयां चुभती है तो क्या हुआ
कम से कम उसकी सारी तमन्नाएं तो पूरी हो गई...।।

"हकीकत जान लो जुदा होने से पहले
मेरी सुन लो अपनी सुनाने से पहले
ये सोच लेना भुलाने से पहले
बहुत रोई हैं आँखें मुस्कुराने से पहले...।।

"जख्म जब मेरे सीने में भर जाएंगे
आँसू भी मोती बनकर बिखर जाएंगे
ये मत पूछना किस किस ने धोखा दिया
वरना कुछ अपनों के चेहरे उतर जाएंगे...।।

"कुछ तेरा काम था कुछ मेरा काम था
तेरी गलियों में आशिक मैं बदनाम था
इतनी शिद्दत से चाहा था तुझको सनम
जान निकली तो तुझ पर ही इल्ज़ाम था...।।

"दर्द का एहसास जानना है तो प्यार करके देखो
अपनी आँखों में किसी को उतार कर देखो
चोट उनको लगेगी आँसू तुम्हें आ जायेंगे
ये एहसास जानना हो तो दिल हार कर देखो...।।

"उसकी बाहों में सोने का
अभी तक शौक है मुझको
मोहब्बत में उजड़ कर भी
मेरी आदत नहीं बदली...।।

"ना वो सपना देखो जो टूट जाये
ना वो हाथ थामो जो छुट जाये
मत आने दो किसी को करीब इतना
कि उससे दूर जाने से इंसान खुद से रूठ जाये...।।


"तेरी आँखों में सच्चाई की एक राह दिखाई देती है
तू है मोहब्बत का दीवाना ऐसी चाह दिखाई देती है
माना कि ठोकर खाई है जमाने में बेवफाओं से
पर तू आशिक है तुझमें मोहब्बत की चाह दिखाई देती है...।।

"खुदा तुझसे एक फरियाद करता हूं
उसे खुश रखना जिसे मैं प्यार करता हूं
वही मेरी जिंदगी की हर खुशी है
जिसके कदमों में सजदा दिन में सौ बार करता हूं...।।

"हर ख़ुशी मेरी हराम है
ये ज़िन्दगी दर्द भरी शाम है
खुशिओ से क्या मेरा वास्ता
ये ज़िन्दगी बस यु ही तमाशा है...।।

"मैंने कब कहा तू मुझे गुलाब दे
या फिर अपनी मोहब्बत से नवाज़ दे
आज बहुत उदास है मन मेरा
गैर बनके ही सही तू बस मुझे आवाज़ दे...।।

"सिलसिले की उम्मीद थी उनसे
वही फाँसले बढ़ाते गए
हम तो पास आने की कोशिश में थे
ना जाने क्यों वह हमसे दूरियाँ बढ़ाते गए...।।

"इश्क हमें जीना सिखा देता है
वफा के नाम पर मरना सिखा देता है
इश्क नहीं किया तो करके देखो जालिम
हर दर्द सहना सीखा देता है...।।

"कहीं किसी रोज़ यूँ भी होता
जो हमारी हालत है वो तुम्हारी होती
जो रात हमने गुजारी तड़प कर
वो रात तुमने भी गुजारी होती...।।

"अब तो वफ़ा करने से मुकर जाता है दिल
अब तो इश्क के नाम से डर जाता है दिल
अब किसी दिलासे की जरूरत नही है
क्योंकि अब हर दिलासे से भर गया है दिल...।।

"न जाने क्या कमी है मुझमे
और न जाने क्या खूबी है उसमे
वो मुझे याद नहीं करती
और मैं उसे भुला नहीं पाता...।।

"परवाह करनेवाले अक्सर रुला जाते है
अपना कहकर पराया कर जाते है
वफ़ा जितनी भी करो कोई फर्क नहीं
मुझे मत छोड़ना कहकर खुद छोड़ जाते है...।।

"एक दिन चले जाओगे मुझे छोड़कर
मेरी ख्वाहिशों के घर को तोड़कर
इन्हीं बातों में उलझी हैं रातें मेरी
कैसे रह पाऊँगा मैं तुमसे दूर होकर...।।

"बर्बाद कर गए वो ज़िंदगी प्यार के नाम से
बेवफाई ही मिली हमें सिर्फ वफ़ा के नाम से
ज़ख़्म ही ज़ख़्म दिए उस ने दवा के नाम से
आसमान रो पड़ा मेरी मोहब्बत के अंजाम से...।।

"हालात ने तोड़ दिया हमें
कच्चे धागे की तरह
वरना हमारे वादे भी कभी
जंजीर हुआ करते थे...।।

"जब छोटे थे तब बड़े होने की बड़ी चाहत थी
पर अब पता चला कि
अधूरे एहसास और टूटे सपनों से
अधूरे होमवर्क और टूटे खिलौने अच्छे थे...।।

"तुम अगर याद रखोगे तो इनायत होगी
वरना हमको कहाँ तुम से शिकायत होगी
ये तो बेवफा लोगों की दुनिया है
तुम अगर भूल भी जाओ तो रिवायत होगी...।।

"हम गम ए जिंदगी के मारे हैं
हर बाजी जीत के हारे हैं
मेरी झोली में जितने भी पत्थर हैं
सब मेरी मोहब्बत ने ही मुझे मारे हैं...।।

"जो दाग माथे पर है
उसे पसीने से मिटाना है
जो इज़्ज़त डूब गई है
उसे किनारे पे लगाना है...।।