"आजादी की कभी शाम नहीं होने देंगे
शहीदों की कुर्बानी बदनाम नहीं होने देंगे
बची हो जो एक बूंद भी लहू की
तब तक भारत माता का आँचल नीलाम नहीं होने देंगे...।।

"कुछ नशा तिरंगे की आन का है
कुछ नशा मातृभूमि की शान का है
हम लहराएंगे तिरंगा हर जगह
क्योंकि नशा यह हिंदुस्तान का है...।।

"खुशनसीव हैं वो जो वतन पे मिट जाते हैं,
मर कर भी वो लोग अमर हो जाते हैं,
करता हूँ तुम्हे सलाम ऐ वतन पर मिटने वालो,
तुम्हारी हर सांस में बसना तिरंगे का नसीव है...।।

"जिसे सींचा लहू से है वो यूँ खो नहीं सकती,
सियासत चाह कर विष बीज हरगिज बो नहीं सकती,
वतन के नाम पर जीना वतन के नाम मर जाना,
शहादत से बड़ी कोई इबादत हो नहीं सकती...।।

"लुटेरा है अगर आजाद तो अपमान सबका है,
लुटी है एक बेटी तो लुटा सम्मान सबका है,
बनो इंसान पहले छोड़ कर तुम बात मजहब की,
लड़ो मिलकर दरिंदों से ये हिंदुस्तान सबका है...।।

"चैन ओ अमन का देश है मेरा,
इस देश में दंगा रहने दो
लाल हरे रंग में मत बांटो,
इसे शान ए तिरंगा रहने दो...।।

"मैं भारत बरस का हरदम सम्मान करता हूँ,
यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हुँ,
मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की,
तिरंगा हो कफ़न मेरा, बस यही अरमान रखता हूँ...।।

"हर वक़्त मेरी आँखों में धरती का स्वप्न हो,
जब कभी मरू तो तिरंगा मेरा कफ़न हो,
और कोई ख्वाहिश नहीं है ज़िन्दगी में,
जब कभी भी जन्मु तो भारत मेरा वतन हो...।।

"भूख, गरीबी, लाचारी को, इस धरती से आज मिटायें,
भारत के भारतवासी को, उसके सब अधिकार दिलायें
आओ सब मिलकर नये रूप में गणतंत्र मनायें...।।

"आओ झुककर सलाम करे उनको,
जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है,
खुशनसीब होते है वो लोग,
जिनका लहू इस देश के काम आता है...।।

"कतरा - कतरा भी दिया वतन के वास्ते ,
एक बूँद तक ना बचाई इस तन के वास्ते ,
यूं तो मरते है लाखो लोग हर रोज़ ,
पर मरना तो वो है जो जान जाये वतन के वास्ते ...।।

"बुजदिलों, कायरों में न मेरा नाम हो।
लहू का क़तरा क़तरा मेरे वतन पे क़ुर्बान हो।
ये ख़ुदा कुछ ज्यादा नहीं माँगा मैंने,
बस इतनी सी आरज़ू है कि हर भारत वासी
के दिल में वतन, और तिरंगे के प्रति सम्मान हो...।।

"ज़माने भर में मिलते हे आशिक कई,
मगर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता,
नोटों में भी लिपट कर, सोने में सिमटकर मरे हे कई,
मगर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफ़न नहीं होता...।।

"आओ झुक कर करें सलाम उन्हें,
जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है,
कितने खुशनसीब हैं वो लोग,
जिनका खून वतन के काम आता हैं...।।

"बड़े अनमोल हे ये खून के रिश्ते
इनको तू बेकार न कर,
मेरा हिस्सा भी तू ले ले मेरे भाई
घर के आँगन में दीवार ना कर...।।

"अगर माटी के पुतले देह में ईमान जिन्दा हैं,
तभी इस देश की समृद्धि का अरमान जिन्दा हैं,
ना भाषण से है उम्मीदें ना वादों पर भरोसा हैं,
शहीदों की बदौलत मेरा हिन्दुस्तान जिन्दा है...।।

"इतनी सी बात हवाओं को बताए रखना,
रोशनी होगी चिरागों को जलाए रखना,
लहू देकर की है जिसकी हिफाजत हमने,
ऐसे तिरंगे को दिल में हमेशा बसाए रखना...।।

"ज़माने भर से मिलते हैं आशिक कई मगर,
वतन से खुबसूरत कोई सनम नहीं होता,
नोटों में भी लिपट कर,
सोने में सिमटकर मरे है शासक कई,
मगर तिरंगे से खुबसूरत कोई कफ़न नहीं होता...।।

"मैं मुल्क की हिफाजत करूँगा
ये मुल्क मेरी जान है
इसकी रक्षा के लिए
मेरा दिल और जां कुर्बान है...।।

"देश के लिए प्यार है तो जताया करो
किसी का इन्तजार मत करो
गर्व से बोलो जय हिन्द
अभिमान से कहो भारतीय है हम...।।

"मुझे ना तन चाहिए, ना धन चाहिए
बस अमन से भरा यह वतन चाहिए
जब तक जिन्दा रहूं, इस मातृ-भूमि के लिए
और जब मरुँ तो तिरंगा कफ़न चाहिये...।।

"करता हूँ भारत माता से गुजारिश कि तेरी भक्ति के सिवा कोई बंदगी न मिले,
हर जनम मिले हिन्दुस्तान की पावन धरा पर,
या फिर कभी जिंदगी न मिले...।।

"सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में हैं,
देखना हैं जोर कितन बाजू-ए-कातिल में हैं,
वक्त आने दे बता देंगे तुझे ए आसमां,
हम अभी से क्या बताएं क्या हमारे दिल में हैं...।।

"ना जियो धर्म के नाम पर,
ना मरो धर्म के नाम पर,
इन्सानियत ही है धर्म वतन का,
बस जियो वतन के नाम पर...।।

"तैरना है तो समंदर में तैरो नालों में क्या रखा हैं,
प्यार करना है तो देश से करो औरों में क्या रखा हैं...।।

"आज मुझे फिर इस बात का गुमान हो,
मस्जिद में भजन मंदिरों में अज़ान हो,
खून का रंग फिर एक जैसा हो,
तुम मनाओ दिवाली मेरे घर रमजान हो...।।

"वह “शमा” जो काम आये अपने अंजुमन के लिए,
वह जज्बा जो कुर्बान हो जाए अपने वतन के लिए,
रखते हैं हम जूनून भी,
जो मर मिटे अपने हिन्दुस्तान के लिए...।।

"खून से खेलेंगे होली,
अगर वतन मुश्किल में है
सरफ़रोशी की तमन्ना
अब हमारे दिल में है...।।

"दे सलामी इस तिरंगे को
जिस से तेरी शान हैं,
सर हमेशा ऊँचा रखना इसका
जब तक दिल में जान हैं...।।

"मैं मुस्लिम हूँ, तू हिन्दू है, हैं दोनों इंसान,
ला मैं तेरी गीता पढ़ लूँ, तू पढ ले कुरान,
अपने तो दिल में है दोस्त, बस एक ही अरमान,
एक थाली में खाना खाये सारा हिन्दुस्तान...।।

"ऐ मेरे वतन के लोगों तुम खूब लगा लो नारा
ये शुभ दिन है हम सब का लहरा लो तिरंगा प्यारा
पर मत भूलो सीमा पर वीरों ने है प्राण गँवाए
कुछ याद उन्हें भी कर लो जो लौट के घर न आये...।।

"दिल हमारे एक हैं एक ही है हमारी जान,
हिंदुस्तान हमारा है हम हैं इसकी शान,
जान लुटा देंगे वतन पे हो जायेंगे कुर्बान,
इसलिए हम कहते हैं मेरा भारत महान...।।

"वतन से रिश्ता हमारा ऐसे न तोड़ पाये कोई
दिल हमारे एक है एक है हमारी जान
हिन्दुस्तान हमारा है हम है इसकी शान...।।

"आन देश की शान देश की,
देश की हम संतान हैं।,
तीन रंगों से रंगा तिरंगा,
अपनी ये पहचान हैं...।।

"अब तक जिसका खून न खौला हों,
वो खून नहीं वो पानी है,
जो देश के काम ना आये,
वो बेकार जवानी है...।।

"अपनी धरती अपना हैं ये वतन, मेरा है मेरा है ये वतन
इस पर जो आंख उठाएगा, जिंदा दफना दिया जाएगा
मुझे जान से भी प्यारा है ये वतन...।।

"सीनें में ज़ुनू ऑखों में देंशभक्ति की चमक रखता हुँ,
दुश्मन के साँसें थम जाए,
आवाज में वो धमक रखता हुँ...।।

"इस तिरंगे को कभी मत तुम झुकने देना,
देश की बढ़ती शान को तुम कभी न रुकने देना,
यही अरमान है बस अब इस दिल में,
कि ऐसे ही आगे तुम बढ़ते रहना...।।

"जो भरा नहीं है भावों से,
बहती जिसमे रसधार नहीं,
वह हृदय नहीं है पत्थर है।,
जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं...।।

"उनके हौसले का भुगतान क्या करेगा कोई,
उनकी शहादत का क़र्ज़ देश पर उधार है,
आप और हम इस लिए खुशहाल हैं क्योंकि,
सीमा पे सैनिक शहादत को तैयार हैं...।।

"फना होने की इज़ाजत ली नहीं जाती,
ये वतन की मोहब्बत है जनाब…
पूछ के नहीं की जाती...।।

"ना सरकार मेरी है ना रौब मेरा है,
ना बड़ा सा नाम मेरा है,
मुझे तो एक छोटी सी बात का गौरव है,
मै हिन्दुस्तान का हूँ और हिन्दुस्तान मेरा है...।।

"जलते भी गये कहते भी गये आजादी के परवाने।
जीना तो उसी का जीना है,
जो मरना वतन पर जाने...।।

"गूंज रहा है दुनिया में भारत का नगाड़ा,
चमक रहा आसमान में देश का सितारा,
आजादी के दिन आओ मिलकर करें दुआ,
की बुलंदी पर लहराता रहे तिरंगा हमारा...।।

"चढ़ गये जो हँसकर सूली, खाई जिन्होंने सीने पर गोली,
हम उनको प्रणाम करे हैं, जो मिट गये देश पर,
हम सब उनको सलाम करते हैं...।।

"बस ये बात हवाओं को बताये रखना,
रौशनी होगी चिरागों को जलाये रखना,
लहू देकर जिसकी हिफाज़त की शहीदों ने,
उस तिरंगे को सदा दिल में बसाये रखना...।।

"लहू देकर तिरंगे की
बुलंदी को संवारा है
फरिश्तें तुम वतन के हों
तुम्हे सजदा हमारा है...।।