Barish Shayari in Hindi collection 2019 | Best Barish Shayari For Status

Barish Shayari in Hindi collection 2019 | Best Barish Shayari For Status

"तुमको बारिश पसंद है मुझे बारिश में तुम
तुमको हँसना पसंद है मुझे हस्ती हुए तुम
तुमको बोलना पसंद है मुझे बोलते हुए तुम
तुमको सब कुछ पसंद है और मुझे बस तुम...।।

"याद आई वो पहली बारिश
जब तुझे एक नज़र देखा था...।।

"बालकनी से बाहर आकर कर देखो ए-हसीना
मौसम तुम से मेरे दिल की बात कहने आया है...।।

"नसीब की बारिश कुछ इस तरह से होती रही मुझ पे
ख्वाहिशे सुखती रही और पलके भीगती रही...।।

"कैसी बीती रात किसी से मत कहना
सपनों वाली बात किसी से मत कहना
कैसे उठे बादल और कहां जाकर टकराए
कैसी हुई बरसात किसी से मत कहना...।।

"जब जब आता है यह बरसात का मौसम
तेरी याद होती है साथ हरदम
इस मौसम में नहीं करेंगे याद तुझे यह सोचा है हमने
पर फिर सोचा की बारिश को कैसे रोक पाएंगे हम...।।

"कहीं फिसल न जाऊं तेरे ख्यालों में चलते चलते
अपनी यादों को रोको मेरे शहर में बारिश हो रही है...।।

"गर मेरी चाहतों के मुताबिक जमाने की हर बात होती
तो बस मैं होता तुम होती और सारी रात बरसात होती...।।

"क्या मस्त मौसम आया है
हर तरफ पानी ही पानी लाया है
तुम घर से बाहर मत निकलना
वरना लोग कहेंगे बरसात हुई नहीं
और मेढक निकल आया है...।।

"कहदो उन्हें…
के गरूर ना करें अपनी किस्मत पे इतना
हम ने बारिश में भी घरों जलते को देखा हैं...।।

"मौसम भी है और मौका भी है
सावन के मौसम का झोका भी है
ऐसे में ना ले दिल अंगड़ाई तो देख
ये तेरी मदहोश आँखों का धोखा है...।।

"ओ बदरा प्यारे बरसो अब नैन तरस रहे हैं
तुम नहीं बरसते पर मेरे नैन बरस रहे हैं...।।

"ग़म की बारिश ने भी तेरे नक़्श को धोया नहीं
तू ने मुझ को खो दिया पर मैं ने तुझे खोया नहीं...।।

"काश कोई इस तरह भी वाकिफ हो
मेरी जिंदगी से
कि मैं बारिश में भी रोऊँ और
वो मेरे आँसू पढ़ ले...।।

"याद आई वो पहली बारिश
जब तुझे एक नज़र देखा था...।।

"ख़ुद को इतना भी न बचाया कर
बारिशें हुआ करे तो भीग जाया कर...।।

"लाख बरसे झूम के सावन मगर वो बात कहाँ
जो ठंडक पङती है दिल में तेरे मुस्कुराने से...।।

"किस मुँह से इल्ज़ाम लगाएं बारिश की बौछारों पर
हमने ख़ुद तस्वीर बनाई थी मिट्टी की दीवारों पर...।।

"उस को भला कोई कैसे गुलाब दे
आने से जिसके खुद मौसम ही गुलाबी हो जाये...।।

"अगर मेरी चाहतो के मुताबिक जमाने में हर बात होती
तो बस मै होता तुम होती और सारी रात बरसात होती...।।

"आज मौसम कितना खुश गंवार हो गया
ख़त्म सभी का इंतज़ार हो गया
बारिश की बूंदे गिरी इस तरह से
लगा जैसे आसमान को ज़मीन से पियार हो गया...।।

"कुछ तो चाहत होगी इन बूंदों की भी
वरना कौन छूता है
इस जमीं को उस आसमान से टूटकर...।।

"ज़रा ठहरो बारिश है यह थम जाए तो फिर जाना
किसी का तुझ को छु लेना मुझे अच्छ नहीं लगता...।।

"कोई रंग नहीं होता बारिश के पानी में
फिर भी फ़िज़ा को रंगीन बना देता है...।।

"कहीं फिसल न जाओ जरा संभल के चलना
मौसम बारिस का भी है और मोहब्बत का भी...।।

"जब जब घिरे बादल तेरी याद आयी
जब झूम के बरसा सावन तेरी याद आयी
जब जब मैं भीगा मुझे तेरी याद आयी
मेरे भाई तू ने मेरी छतरी क्यों नहीं लौटायी...।।

"छत टपकती हैं...
उसके कच्चे घर की......
फिर भी वो किसान करता हैं दुआ बारिश की...।।

"इन बारिशों से दोस्ती अच्छी नही
कच्चा तेरा मकान है, कुछ तो ख्याल कर...।।

"तनहाई का आलम,
बड़ा ही सुहाना था…
कुछ उनकी याद थी,
बाकी बारिश का जमाना था...।।

"बरसात की भीगी रातों में फिर कोई सुहानी याद आई
कुछ अपना ज़माना याद आया कुछ उनकी जवानी याद आई...।।

"बारिश में आज भीग जाने दो
बूंदों को आज बरस जाने दो
न रोको यूँ खुद को आज
भीग जाने दो इस दिल को आज...।।

"वो मेरे रु-बा-रु आया भी तो बरसात के मौसम में
मेरे आँसू बह रहे थे और वो बरसात समझ बैठा...।।

"ये बारिश ये हसीन मौसम और ये हवाये
लगता है आज मोहब्बत ने किसी का साथ दिया है...।।

"हमारे शहर आ जाओ सदा बरसात रहती है
कभी बादल बरसते है...कभी आँखे बरसती है...।।

"मैंने उससे एक बार पूछा क्या धुप में बारिश होती है
और वो तो हसने लगी हस्ते हस्ते रोने लगी
और धुप में बारिश होने लगी...।।

"आज बादल काले घने हैं
आज चाँद पे लाखों पहरे हैं
कुछ टुकड़े तुम्हारी यादों के
बड़ी देर से दिल में ठहरे हैं...।।

"बारिश का मौसम बहुत तड़पाता है
उनकी याद है दिल में जिन्हें दिल चाहता है
लेकिन वो आए भी तो कैसे
ना उनके पास रेन कोट है और ना छाता है...।।

"तैरना तो आता था हमे मोहब्बत के समुन्दर मे लेकिन
जब उसने हाथ ही नही पकड़ा तो डूब जाना अच्छा लगा...।।

"ये मौसम भी कितना प्यारा ह
करती ये हवाएं कुछ इशारा है
जरा समझो इनके जज्बातों को
ये कह रही हैं किसी ने दिल से पुकारा है...।।

"बरस जाये यहाँ भी कुछ नूर की बारिशें
के ईमान के शीशों पे बड़ी गर्द जमी है
उस तस्वीर को भी कर दे ताज़ा
जिनकी याद हमारे दिल में धुंधली सी पड़ी है...।।

"आज आई बारिश तो याद आया वो जमाना
वो तेरा छत पे रहना और मेरा सडको पे नहाना

"पहले बारिश होती थी तो याद आते थे
अब जब याद आते हो तो बारिश होती है...।।

"अब बारिश में तेरे संग नहाना है
सपना ये मेरा कितना सुहाना है
बारिश की बूंदे जो गिरे तेरे होठो पे
उन्हें अपने होठो से उठाना है...।।

"बरसात का बादल तो दीवाना है क्या जाने
किस राह से बचना है किस छत को भिगोना है...।।

"क्या रोग दे गई है ये नए मौसम की बारिश
मुझे याद आ रहे हैं मुझे भूल जाने वाले...।।

"ए बारिश ज़रा थम के बरस
जब मेरा यार आ जाये तो जम के बरस
पहले न बरस की वो आ ना सके
फिर इतना बरस की वो जा ना सके...।।

"कोई तो बरसात ऐसी हो जो तेरे संग बरसे
तन्हा तो मेरी आँखें हर रोज़ बरसती है...।।